गाजियाबाद सुसाइड केस: छोटी बहन को पीठ पर बैठाकर तीसरी को थामे कूदी बड़ी बहन, चश्मदीद ने सुनाई रात 2 बजे की खौफनाक कहानी

गाजियाबाद में तीन सगी बहनों की आत्महत्या का मामला लगातार और रहस्यमय होता जा रहा है। पुलिस ने शुरुआती जांच में गेमिंग थ्योरी को खारिज कर दिया है और डिप्रेशन को इसकी बड़ी वजह मान रही है। हालांकि, कमरे से मिले सुसाइड नोट, दीवारों पर लिखे वाक्य, फर्श पर बिखरी तस्वीरें और एक डायरी ने इस केस को 2026 के सबसे पेचीदा मामलों में बदल दिया है।

जिस कमरे में तीनों बहनें रहती थीं, वहां दीवार पर लिखा मिला—“Make me a heart broken” और “I am very very alone”। वहीं एक डायरी में लिखा था—“True Story of Life… इसे पढ़ लो क्योंकि ये सब सच है।” पुलिस के मुताबिक ये शब्द 12 साल की प्राची, 14 साल की पाखी और 16 साल की निशिका के आखिरी जज़्बात हो सकते हैं।

घटना रात करीब 2 से 2:30 बजे के बीच की बताई जा रही है। जिस कमरे से तीनों बहनों ने छलांग लगाई, वहां परिवार और भगवान की तस्वीरें बिखरी थीं। एक सुसाइड नोट भी मिला, जिसमें लिखा था—“I am sorry papa।” इससे साफ है कि किसी गहरे मानसिक दबाव ने उन्हें यह कदम उठाने पर मजबूर किया।

सोसाइटी में रहने वाले एक चश्मदीद अरुण कुमार ने उस रात का आंखों देखा हाल बताया। उनके मुताबिक, नौवीं मंजिल की बालकनी में पहले ऐसा लगा जैसे कोई बड़ा व्यक्ति कूदने की कोशिश कर रहा हो और कोई उसे पीछे खींच रहा हो। ध्यान से देखने पर साफ हुआ कि वहां तीन बच्चियां हैं। दो बहनें तीसरी को रोकने की कोशिश कर रही थीं।

अरुण कुमार ने बताया कि एक बच्ची पहले रेलिंग से नीचे उतर गई, मानो उसका मन बदल गया हो। कुछ सेकंड बाद वह फिर रेलिंग पर चढ़ी। इस बार उसने अपनी छोटी बहन को पीठ पर बैठाया और तीसरी बहन को अपने साथ पकड़ लिया। इसके बाद पहले एक बच्ची नीचे गिरी और फिर बाकी दोनों भी उसे थामे हुए गिर गईं।

पुलिस जांच में सामने आया है कि तीनों बहनें पिछले करीब दो साल से स्कूल नहीं जा रही थीं। लॉकडाउन के बाद उनका स्कूल जाना बंद हो गया था। पढ़ाई में कमजोरी और परिवार की खराब आर्थिक स्थिति को भी इसकी वजह माना जा रहा है। पिता का दावा है कि बच्चियां कोरियन कल्चर और गेमिंग से काफी प्रभावित थीं और कोरिया जाने की बात करती थीं, हालांकि पुलिस का कहना है कि सिर्फ गेम को आत्महत्या की वजह नहीं माना जा सकता।

परिवार की पृष्ठभूमि भी जटिल रही है। बच्चियों के पिता ने दो शादियां की थीं और दोनों पत्नियां सगी बहनें हैं। सभी बच्चे और दोनों पत्नियां एक ही घर में रहते थे। पड़ोसियों के मुताबिक परिवार काफी रिजर्व रहता था, न किसी से ज्यादा मेलजोल था और न ही बच्चे बाहर खेलते या सोसाइटी के अन्य बच्चों से घुलते-मिलते थे।

फिलहाल पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है और डायरी, सुसाइड नोट व चश्मदीद के बयान के आधार पर यह समझने की कोशिश कर रही है कि आखिर तीन मासूम बहनों ने एक साथ इतना बड़ा और खौफनाक कदम क्यों उठाया।

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